मेरठ में हुए सौरभ हत्याकांड में गिरफ्तार साहिल और मुस्कान जेल में नशे की तड़प से बेचैन हैं. जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार, दोनों को जेल के अंदर मौजूद नशा मुक्ति केंद्र में काउंसलिंग दी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, साहिल और मुस्कान पिछले दो रातों से ठीक से सो नहीं पाए हैं.
वे बैरक में अचानक झटके से उठ जाते हैं और काफी बेचैन नजर आते हैं. खाने-पीने में भी दोनों आनाकानी कर रहे हैं. हालांकि, जेल में कराए गए चिकित्सीय परीक्षण में दोनों का स्वास्थ्य सामान्य पाया गया है. लेकिन नशे के लक्षण मिले हैं. जेल प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक साहिल और मुस्कान से मिलने कोई नहीं आया है. जेल अधीक्षक ने बताया कि दोनों को लगातार काउंसलिंग दी जा रही है, ताकि वे नशे की लत से बाहर निकल सकें और मानसिक रूप से स्थिर रह सकें.
मेरठ हत्याकांड की पृष्ठभूमि
मेरठ के इस चर्चित हत्याकांड में साहिल और उसकी गर्लफ्रेंड मुस्कान को गिरफ्तार किया गया है. सौरभ राजपूत की हत्या के पीछे साहिल और मुस्कान का हाथ बताया जा रहा है. यह मामला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था, क्योंकि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद खुद को बचाने की पूरी कोशिश की थी.
अक्सर देखा गया है कि जेल में आने के बाद अपराधी, जो पहले से नशे के आदी होते हैं, उन्हें इसकी तलब सताने लगती है. जब जेल में उनकी यह जरूरत पूरी नहीं होती, तो वे मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो जाते हैं. यही हाल साहिल और मुस्कान का भी है. वे नशे के बिना बेचैन हो रहे हैं और इसका असर उनकी दिनचर्या पर भी दिख रहा है.
जेल प्रशासन की पहल
जेल अधीक्षक का कहना है कि नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से दोनों को सुधारने की कोशिश की जा रही है. काउंसलिंग के जरिए उन्हें नशे से दूर रखने और सामान्य स्थिति में लाने की प्रक्रिया जारी है. यह मामला एक बार फिर से समाज में नशे की बढ़ती लत और अपराधों के आपसी संबंध को उजागर करता है. जरूरत इस बात की है कि समाज में जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि युवा नशे की गिरफ्त में न आएं और इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.