चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिला के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक गैर कानूनी धंधा और अपराध नियंत्रण को लेकर काफी सख्त रूख अपनाए हुए हैं। उपायुक्त और पुलिस कप्तान के द्वारा उठाए जा रहे कड़े कदमों से गैरकानूनी धंधा करने वाले और अपराध प्रवृति के लोगों में खौफ है। वहीं दूसरी ओर पुलिस – प्रशासन के सख्त कदमों को ठेंगा दिखाते हुए नीमडीह प्रखंड क्षेत्र में अवैध लाॅटरी का गौरखधंधा पूरे शबाव पर है। लॉटरी के गैर कानूनी धंधा करने वाले कारोबारियों तक यहां कानून के हाथ नहीं पहुंच पा रहा हैं। अवैध लॉटरी का कारोबार प्रखंड क्षेत्र के गांव-गांव तक अपना पांव पसार रहा है।
संचालकों पर अबतक नहीं हो सकी कार्रवाई
अवैध नकली लॉटरी के चंगुल में फंसकर युवा वर्ग के अलावा दिहाड़ी मजदूर, दुकानदार, ऑटो चालक, सब्जी विक्रेता आदि अपनी गाढ़ी कमाई लूटा रहे हैं। चौक-चौराहों पर चाय की दुकान, होटल, सैलून आदि स्थानों में अवैध नकली लॉटरी का गोरखधंधा खुलेआम चल रहा है। छह माह पहले नीमडीह क्षेत्र के चांडिल स्टेशन चौक में नीमडीह थाना की पुलिस द्वारा अवैध लॉटरी के खिलाफ चलाए गए छापामारी तीन लोग पकड़े गए थे। अवैध नकली लॉटरी के कारोबार से जुड़े रहने के आरोप में नीमडीह थाना की पुलिस ने तीन लोगों को जेल भेजा था। पकड़ाए लोगों ने अपने-अपने संचालक का नाम भी बताया था, लेकिन उनके खिलाफ अबतक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो सकी है।
कार्रवाई के बाद बढ़ा कारोबारियों की संख्या
अवैध लॉटरी के खिलाफ कार्रवाई के माह भर बाद से ही क्षेत्र में तेजी के साथ अवैध नकली लॉटरी का गोरखधंधा दोबारा छाने लगा। बताया जा रहा है कि इस गोरखधंधे से जुड़े कारोबारियों की संख्या भी बढ़ गया है। सुबह होते ही गांव-गांव तक एजेंट अवैध लॉटरी लेकर पहुंच जा रहे हैं। नीमडीह प्रखंड क्षेत्र में अबाध रूप से चल रहे लॉटरी के गैर कानूनी धंधे के कारण परिवारों में कलह बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस गौरखधंधे की दलदल में फंसकर युवा वर्ग अपना भविष्य अंधकार बना रहे हैं। गरीब मजदूरों की खून-पसीने की कमाई रातों-रात लखपति बनने की लालच में स्वाहा हो रही है। गैर कानूनी रूप से संचालित लॉटरी के इस गौरख धंधे ने कई परिवार को तबाह कर दिया है। लोगों का कहना है कि आखिर क्यों पुलिस-प्रशासन इस गौरखधंधे को नहीं रोक पा रही हैं।