बोकारो शहर तथा बोकारो स्टील प्लांट ठप्प, स्टील प्लांट के सभी सात गेट बंद, 36 घंटे से अंदर फंसे हैं पांच हजार से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारी, स्थिति विस्फोटक

बोकारो कार्यालय 4 अप्रैल
बोकारो स्टील प्लांट के मुख्य प्रशासनिक भवन इस्पात भवन के समक्ष गुरुवार को लाठी चार्ज में एक विस्थापित की हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आज बोकारो बंद का व्यापक असर देखा गया चाय पान की छोटी दुकानों से लेकर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहें सडक़ों पर वाहनों का चलना ठप रहा। बंद समर्थक सुबह चार बजे से लेकिन समाचार लिखे जाने तक लाठी डंडेसे लैस होकर सडक़ पर जमे हुए हैं शैक्षणिक संस्थान बैंक आदि बंद रहे तथा सडक़ों पर सन्नाटा छाया रहा। वहीं दूसरी ओर बोकारो स्टील प्लांट का उत्पादन पूरी तरह से ठप है तथा पिछले 36 घंटे से अधिकारी एवं कर्मचारी प्लांट के अंदर फंसे हुए हैं जिसके कारण उनकी स्थिति भी बिगड़ते जा रही है। प्लांट का उत्पादन ठप होने के कारण स्थिति बिगड़ गई है। बोकारो स्टील प्लांट में लगभग पचपन किलोमीटर गैस पाइप लाइन है जो जहरीला गैस अभी प्लांट का उत्पादन यथाशीघ्र प्रारंभ नहीं हुआ तो गैसपाइप लाइन में विस्फोट हो सकता है.य जिसका असर न केवल बोकारो बल्कि धनबाद तक हो सकता है। बोकारो के डीसी कार्यालय में समाचार लिखे जाने तक वार्ता चल रही है जिसमें बोकारो विधायक श्रीमती श्वेता सिंह बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, निरसा के विधायक अरूप चटर्जी तथा डुमरी के विधायक जयराम महतो भाग ले रहे हैं। प्रारम्भ में बोकारो के विधायक श्वेता सिंह ने डुमरी के विधायक जयराम मतोंको अंदर जाने से रोक दिया लेकिन जयराम के समर्थकों द्वारा हंगामा करने के बाद श्वेता सिंह उन्हें अंदर ले गई ।सांसद ढुल्लू महतो दिल्ली से रांची पहुंच चुके हैं तथा वार्ता में उनका इंतजार किया जा रहा है। उनके आने के बाद ही कोई निर्णय हो सकता है आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो बोकारो पहुंच चुके हैं तथा घायलों से बोकारो जनरल अस्पताल में जाकर मुलाकात की। बंद का आह्वान विस्थापितों ने किया था जिसके कारण पेटरवार से लेकर चंदन क्यारी तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। लंबी दूरी की बसें नहीं चली दो दर्जन से अधिक स्थानों पर बंद समर्थकों ने उत्पात मचाया एवं झड़प हुई तथा दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। दोपहर 2 बजे तक पुलिस मूकदर्शक की भूमिका में रहे। जब स्थिति बिगड़ गई तब पुलिस हरकत में आई तथा एसडीओ के नेतृत्व में फ्लैग मार्च किया गया। रात्रि नौ बजे तक यातायात पूरी तरह से बाधित है एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद है। बोकारो स्टील प्लांट के सभी गेट बंद है बोकारो स्टील? की स्थापना के 70 वर्ष बाद यह पहली घटना है जब उत्पादन पूरी तरह से बाधित हुआ है एवं
एवं सभी गेट बंद है . समाचार भेजे जाने तक काफी संख्या में आंदोलनकारी इस्पात भवन तथा बोकारो स्टील प्लांट के गेट के अलावा डीसी कार्यालय के बाहर जमे हुए हैं एवं अपने नेताओं के पक्ष में नारेबाजी कर रहे हैं एसडीओ प्रांजल ने स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सुरक्षाबल की व्यवस्था की गई है एवं वार्ता चल रही है। वार्ता में निर्णय लिया जा सकता है।उन्होंने बंद समर्थकों से शांति बनाए रखने की भी अपील की है वहीं दूसरी ओर बोकारो स्टील प्रबंधन द्वारा जारी अपील में कहा गया है कि।
उत्पादन ठप हो जाने के कारण गैस पाइपलाइन पर दबाव बढ़ रहा है। यदि यथाशीघ्र उत्पादन नहीं प्रारम्भ हुआ तो गैस पाइपलाइन हट सकता है जिसका असर धनबाद तक हो सकता है। कुल मिलाकर शहर में दहशत कामाहौल है आम नागरिक अपने अपने घरों में कैद हैं.

बोकारो स्टील के मुख महाप्रबंधक हरि मोहन झागिरफ्तार
बोकारो
इस्पाद भवन के समक्ष लाठी चार्ज में विस्थापित प्रेम महतो की मौत के बाद गुरुवार की देर रात बोकारो की डीसीकी अध्यक्षता में बैठक हुई जिसमें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के डीआईजी दिग्विजय सिंह बोकारो स्टील के अधिकारी बोकारो के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी तथा अपर समाहर्ता एवं एसडीओ ने हिस्सा लिया बैठक में पूरे घटना की जवाबदेही बोकारो स्टील के मुख्य महाप्रबंधक हरिमोहन जहां पर तय करते हुए उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया तथा मृतक प्रेम महतो के आश्रित को बोकारो स्टील में नौकरी एवं बीसलाख मुआवजा तथा घायलों को बेहतर इलाज के साथ ?10000 मुआवजा देने पर सहमति बनी। इसके साथ ही विस्थापित और प्रेंटिश नौजवानों को नौकरी देने की बात भी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी द्वारा जारी विज्ञप्ति में कही गई वहीं दूसरी ओर बोकारो स्टील प्रबंधन द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि मृतक प्रेम महतो। परिजनों को ठेका कंपनी के अंदर नौकरी दी। जाएगी एवं 2000000 मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा सभी घायलों को दस दस हजार।रुपया मुआवजा दिया जाएगा

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