बोकारो :नियोजन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे विस्थापितों पर लाठी चार्ज ,एक की मौत, दर्जन से अधिक घायल

आज बोकारो बंद का आह्वान
बोकारो, 3 अप्रैल:”नियोजन की मांग लेकर बोकारो स्टील प्लांट के प्रशासनिक मुख्यालय” इस्पात भवन” के समक्ष विस्थापित ऑपरेंटिस संघ के अनिश्चितकालीन धरना के दौरान लाठी चार्ज हुआ जिसमें एक विस्थापित की मौत हो गई जबकि एक दर्जन से अधिक विस्थापित तथा सुरक्षाकर्मी घायल हो गए जिनका इलाज बोकारो जनरल अस्पताल में चल रहा है। इसके बाद यहाँ का माहौल असहज हो गया. कल बोकारो बंद का आह्वान किया गया है. नेता और विधायक बोकारो इस्पात प्रबंधन पर निशाना साध रहे हैं. स्थानीय विधायक श्वेता सिंह तथा उनके पति मजदूर नेता संग्राम सिंह ने आक्रामक तेवर में बोकारो स्टील प्रबंधन को इस घटना लिए जिम्मेवार ठहराते हुए बोकारो स्टील प्लांट बंद करने तक की चेतावनी दे डाली. पूर्व विधायक विरंची नारायण घटना की जानकारी मिलते ही बोकारो जनरल अस्पताल पहुंचे एवं वहां इलाज करा रहे विस्थापितों एवं सुरक्षाकर्मियों से मिलकर उनका हाल जाना. सांसद ढुल्लु महतो, पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी ने भी इस घटना को दुखद बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी व्यक्ति को दंडित करने की मांग की है. उन्होंने विस्थापितों को नियोजन देने की भी मांग की है . विस्थापित अप्रेंटिस संघ के बैनर तले बोकारो के विस्थापित इस्पात भवन के समक्ष धरना दे रहे थेऔर किसी को अंदर नहीं जाने न दे रहे थे। लगभग शाम 5 बजे प्लांट से निकल रहे लोगों को रोकने तथा उनके वाहनों में तोड़फोड़ की घटना होने लगी और दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़ की गई. कर्मचारियों को भी पीटा गया जिसके बाद हालत बेकाबू हुईं. कहा जाता है कि सुरक्षा कर्मियों ने विस्थापियतों से शांति पूर्वक आंदोलन करने की अपील की। इसी क्रम में विस्थापित उग्र हो गए तथा दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए तब लाठी चार्ज किया गया जिसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए एवं शिबू टारनिवासी प्रेम महतो की मौत हो गई। जानकारी मिलते ही बोकारो विधायक श्वेता सिंह अपने पति संग्राम सिंह के साथ घटना स्थल पर पहुंची. सुरक्षाकर्मियों से उनकी बहस हो गई। उनकी उपस्थिति में दूसरी बार लाठी चार्ज किया गया जिसमें कई लोग घायल हो गए बोकारो विधायक श्वेता सिंह तथा उनके पति संग्राम सिंह ने इस घटना के लिए बोकारो स्टीलके निदेशक प्रभारी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने स्टील प्लांट को अनिश्चितकालीन बंद करने की भी चेतावनी दी । घटना के बाद लक्ष्मी मार्केट,सिटी सेन्टर समेत मुख्य बाजारों को बंद करा दिया गया. दूसरी ओर इस्पात भवन पुलिस छावनी में परिणत हो गया.काफी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। बोकारो स्टील प्रबंधन का कहना है कि आंदोलन के दौरान विस्थापितों ने उग्र रूप धारण कर लिया तथा प्लांट आने जाने वाले लोगों के साथ मारपीट की जिसके बाद सुरक्षाकर्मी एवं आन्दोलनकारियों में झड़प हो गई तथा लाठी चार्ज हुआ.भगदड़ में दब जाने के कारण प्रेम महतो की मौत की बात कही जा रही है। विस्थापितों का कहना है कि लाठी चार्ज में गंभीर चोट लगने के कारण प्रेम महतो की मौत हुई है। देर शाम प्रशासनिक अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे, लेकिन फिलहाल कुछ बयान देने से परहेज कर रहे हैं.
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अप्रत्याशित नहीं है इस्पात भवन की घटना,
एक साजिश के तहत विस्थापितों को किया गया उग्र

यह घटना अप्रत्याशित नहीं है, बल्कि इसकी साजिश पिछले कई माह से चल रही थी। एक साजिश के तहत विस्थापितों को इसका शिकार जरूर बनाया गया है. विस्थापित ऑपरेंटिस संघ के बैनर तले लंबे अरसे से शांति पूर्वक आंदोलन किया जा रहा है . विस्थापियतों की मांग को लेकर पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह, बिरन्ची नारायण ने इस्पात मंत्री से बातचीत की थी। वर्तमान सांसद दुल्लू महतो तथा विधायक श्वेता सिंह ने भी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके विस्थापितों को नियोजन दिलाने के संबंध में अपने स्तर से प्रयास किया था। इस्पात मंत्री से भी बातचीत हुई तथा मंत्री के स्तर पर प्रकिया भी चल रही थी। अचानक विस्थापित ऑपरेंटिस संघ के बैनर तले गुरुवार को बोकारो स्टील के मुख्य प्रशासनिक भवन इस्पात भवन के गेट को सैकड़ों की संख्या में विस्थापितों ने जाम कर दिया। इस आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी तथा दण्डाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल को तैनात किया गया था. आन्दोलन शांतिपूर्वक चल रहा था। अचानक लगभग 4 बजे विस्थापित उग्र हो गए तथा आने जाने वाले लोगों के साथ मारपीट एवं उनके वाहनों को तोड़फोड़ की जाने लगी जिसका विरोध करते हुए सुरक्षाकर्मियों ने विस्थापितों से शांति बनाए रखने की अपील की। इसी क्रम में दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक शुरू हुईं.तब प्रशासन को लाठीचार्ज करना पड़ा. अचानक विस्थापतों को किसने भड़काया, उसकी पहचान सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से की जा रही है।
बोकारो स्टील के लगभग दो दर्जन से अधिक कर्मचारियों एवं अधिकारियों को चोट लगने तथा उनके वाहनों की क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है.
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धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ने इस घटना को दुखद बताते हुए इसके लिए हेमंत सरकार तथा जिला प्रशासन को जिम्मेवार ठहराया है।
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जयराम महतो पहुंचे बोकारो, उग्र आंदोलन की चेतावनी

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के संस्थापक तथा डुमरी के विधायक जयराम महतो घटना की जानकारी मिलने पर देर शाम बोकारो पहुंचे। श्री महतो ने घटनास्थल पर जाकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी विस्थापतों से ली एवं उनके आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि हर हाल में बोकारो स्टील प्रबंधन को नियोजन देना पड़ेगा। इसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे।

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